*बिहार में पर्यावरण के क्षेत्र में कई काम हो रहे हैं:- मुख्यमंत्री। हर खबर पर पैनी नजर।*

मुख्यमंत्री के समक्ष इलेक्ट्रिक व्हेकिल मैनुफैक्चरिंग पाॅलिसी का दिया गया प्रस्तुतीकरण

रमेश शंकर झा

पटना:- एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष उद्योग विभाग ने इलेक्ट्रिक व्हेकिल मैनुफैक्चरिंग पाॅलिसी से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में संशोधन द्वारा इलेक्ट्रिक व्हेकिल को प्रमोट करने के लिये इस पाॅलिसी के संबंध में निवेश आयुक्त आर0एस0 श्रीवास्तव ने विस्तृत जानकारी दी। नीति आयोग के निर्देश पर इलेक्ट्रिक व्हेकिल पाॅलिसी सभी राज्यों को लाने के लिये निर्देशित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र, शहरी क्षेत्र एवं पर्यटन के लिये विशिष्ट क्षेत्रों के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये कहा गया है।


प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति बनाने के लिये व्यावहारिक पहलूओं को ध्यान में रखना होगा। बिहार के बैकग्राउण्ड को समझना होगा। पटना का मुख्य सवारी रिक्शा हुआ करता था, जो गरीब लोग चलाते हैं और उनकी आमदनी का एक महत्वपूर्ण साधन है। नीति ऐसी बने कि जिसमें लोगों को रोजगार का आधार बने और अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिले और पर्यावरण संरक्षित रहे। वहीं उन्होंने कहा कि हमलोग बिहार में पर्यावरण के संरक्षण के लिये जल-जीवन-हरियाली अभियान चला रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं। हम खुद और हमारे कुछ सहयोगी पटना में इलेक्ट्रिक वाहन से भ्रमण कर रहे हैं ताकि लोग इससे प्रेरित हो सकें। राज्य में व्यवसाय बढ़ा है, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिये हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ताकि बिहार की औद्योगिक स्थिति बेहतर हो। कोई भी कम्पनी अगर वास्तव में ई-रिक्शा का निर्माण कार्य यहाॅ करना चाहती है तो उसे जरूर बेनिफिट दें। जो खरीददार हों उनको भी इसका लाभ मिले। इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करने वालों को इनसेंटिव मिले। शहरों में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुये कई कदम उठाये गये हैं। सी0एन0जी0 बस, सी0एन0जी0 आॅटो को प्रमोट किया जा रहा है। सी0एन0जी0 स्टेशनों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजनान्तर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जा सकता है। शहरों के लिये नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में भी इसे प्रोत्साहित करने के लिये कार्य करें।

इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिये भी योजना बनायें। ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग, परिवहन विभाग, नगर विकास विभाग एवं वित्त विभाग इस संबंध में बैठक कर निर्णय लें। वहीं इस बैठक में उद्योग मंत्री श्याम रजक, मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव वित्त एस0 सिद्धार्थ, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, प्रधान सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन दीपक कुमार सिंह, सचिव उद्योग नर्मदेश्वर लाल, सचिव नगर विकास एवं आवास आनंद किशोर, सचिव परिवहन संजय अग्रवाल, सचिव वित्त (व्यय)राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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