*मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण, तत्पश्चात समीक्षा बैठक की, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जिलाधिकारी जुड़े रहे। हर खबर पर पैनी नजर।* इंडिया पब्लिक न्यूज…

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पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिले का हवाई सर्वेक्षण किया। वहीं मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के क्रम में दरभंगा जिले के हायाघाट, बहादुरपुर, हनुमान नगर, घनश्यामपुर, मधुबनी जिले के मधवापुर, खजौली, फुलपरास एवं घोघराडीहा तथा समस्तीपुर जिले के बिथान, सिंघिया, बरियाही एवं कल्याणपुर का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के पश्चात् 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में आपदा प्रबंधन एवं जल संसाधन विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिले के जिलाधिकारी भी जुड़े हुए थे। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान जिलावार प्रखंडों, नदियों की स्थिति की जानकारी दी।

दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी जिले के जिलाधिकारियों ने जिले में बाढ़ की अद्यतन स्थिति एवं इससे बचाव को लेकर जिले में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आपदा राहत कार्यों के संबंध में जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार बारिश से इस बार कई जिले प्रभावित हुये हैं और बाढ़ की स्थिति बनी है। हवाई सर्वेक्षण के दौरान कई जगहों पर पानी का फैलाव दिख रहा था। खेतों में भी पानी फैला हुआ है। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि हवाई सर्वेक्षण कर जिलाधिकारी अपने जिले के सभी बाढ़ग्रस्त इलाकों का ठीक ढ़ंग से जानकारी लें और उसके आधार पर आकलन करें। लोगों के रिलीफ के लिए हम सबको काम करना है, उन्हें हर प्रकार से मदद करनी है। हमने शुरु से ही कहा है कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। इसके लिये शुरू से काम किया गया है। वर्ष 2007 में लगभग ढ़ाई करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हुये थे और उन्हें सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध करायी गयी थी। हर वर्ष हमलोग मॉनसून के पहले बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हैं और उसके आधार पर पूरी तैयारी की जाती है।

वहीं मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। लोगों को तुरंत राहत उपलब्ध होने से उन्हें संतुष्टि होती है कि उनकी मदद हुयी है। हम सभी को लोगों की सहायता सुरक्षा के लिये पूरी तत्परता के साथ काम करना है। एक-एक चीज का सही से आकलन होगा तो रिलिफ वर्क में और बेहतर ढंग से हो सकेगा। किसानों को कृषि कार्य में हुये नुकसान का आकलन कर उन्हें सहायता उपलब्ध कराने के लिये हरसंभव उपाय करें जो राहत कैंप बनाए गए हैं वहां पर आर०टी०पी०सी०आर० कोरोना जांच और टीकाकरण कार्य अवश्य कराएं। जो कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं उनके रहने एवं देखभाल की अलग से व्यवस्था कराएं। अभी कोरोना का दौर भी है और बाढ़ की स्थिति भी है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य योजनाबद्ध ढंग से करें और आगे के लिए पूरी तरह सतर्क रहें और सभी तैयारियों रखें।

बैठक के मौके पर जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस, आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव  त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी तथा दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी जिले के जिलाधिकारी जुड़े हुए थे।

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